Bemata Temple Kidimal Asind Bhilwara बेमाता मंदिर किड़ीमाल आसीन्द भीलवाड़ा

बेमाता-मंदिर-किड़ीमाल-asind-image

यह स्थान राजस्थान के भीलवाड़ा जिला के किड़ीमाल गाव में पहाड़ी पर विश्व प्रसिद्ध एकमात्र बेमाता मंदिर किड़ीमाल प्राकृतिक सोंदर्य में पर्यटकों के आकर्षण केंद्र है। यह बेमाता मंदिर के नाम से जाना जाता है। यहाँ पर की है। बेमाता मंदिर किड़ीमाल मान्यताओ के आधार पर कहा जाता है की बच्चे के जन्म के बाद … Read more

Kundiya Balaji Temple कुंडिया बालाजी मंदिर बीजाथल

kundiya-balaji-image

यह स्थान राजस्थान के अजमेर जिले के अन्तिम छोर व नागौर और पाली जिला की सीमा पर नदी के किनारे कुंडिया बालाजी मंदिर पर्यटकों के आकर्षण केंद्र है। यह मंदिर कुंडिया बालाजी के नाम से जाना जाता है। यहाँ पर बालाजी की विशाल मूर्ति है। भंवाल माता मंदिर मदिरा का भोग मेला इतिहास कुंडिया बालाजी … Read more

Khoda Ganesh Temple Kishangarh खोड़ा गणेश जी मंदिर किशनगढ़ अजमेर

श्री-खोड़ा-गणेश-जी-फोटो-image

अजमेर से 25 किलोमीटर दूर तथा मार्बल सिटी किशनगढ़ से महज 10 किलोमीटर दूर खोड़ा गणेश जी मंदिर चारो और पहाडियों से घिरा गाँव खोड़ा में एक एतिहासिक और पुराना गजानन जी महाराज का मन्दिर है। जिसे दंतकोट के गणपति और खोड़ा गणेश जी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। खोड़ा गणेश जी … Read more

Dhanop Mata Temple Bhilwara धनोप माता मंदिर भीलवाड़ा इतिहास मेला

धनोप-माताजी-फोटो

माता जी का मंदिर लगभग 11वीं शताब्दी पुराना है। इस मंदिर में विक्रम संवत 912 का शिलालेख भी है जिससे मंदिर के ऐतिहासिक होने की पुष्टि होती है। एक उंचे टीले पर बना मंदिर बेहद प्राचीन संरचना है। शीतला माता का मंदिर भीलवाड़ा जिले के धनोप गांव में स्थित है, जिसकी वजह से इस मंदिर … Read more

Jogniya Mata Temple Chitodgarh जोगणिया माता मंदिर इतिहास मेला चित्तौड़गढ़

श्री-जोगणिया-माताजी-फोटो

चित्तौड़गढ़ से लगभग 85 किलोमीटर दूर और उपरमाल के पठार के दक्षिण की छोर की तरफ जोगनिया माता का प्राचीन मंदिर स्थित है। जोगनिया माता मंदिर हाडा चौहानों की कुलदेवी है और इस मन्दिर को स्थानीय निवासी आठवी शताब्दी में निर्मित होना मानते है। मंदिर से तक़रीबन एक किलोमीटर दूर प्राचीन बम्बावदे गढ़ के अवशेष … Read more

Bhanwal Mata Temple भंवाल माता मंदिर मदिरा का भोग मेला इतिहास

श्री-भंवाल-माता-जी-image

भंवाल माता का मंदिर राजस्थान के नागौर जिले की मेड़ता तहसील में भंवाल गाँव में स्थित है। यहाँ माता काली व ब्राह्मणी दो स्वरूप में पूजी जाती है। राजस्थान की धरा में वैसे तो कई चमत्कारिक मंदिरों का जिक्र मिलता है। लेकिन यह एक अनूठा चमत्कारिक मंदिर (Bhanwal Mata Temple)जहां भक्तों की मान्यता के आगे … Read more

Nakoda Bhairav Temple नाकोड़ा भैरव व पार्श्व जैन मंदिर इतिहास रास्ता

नाकोड़ा-भैरव-मन्दिर-image

नाकोड़ा भैरव व पार्श्व जैन मंदिर भारत के राजस्थान राज्य के बाड़मेर जिले का एक गाँव है। राजस्थान राज्य सरकार के रिकॉर्ड में गांव का नाम मेवानगर है। इस गांव को इतिहास में अलग-अलग समय में नागरा, वीरमपुरा और महेवा के नाम से जाना जाता था। जब नकोड़ा पार्श्वनाथ जैन मंदिर बनाया गया तो इस … Read more

Jeen Mata Temple Sikar जीण माता मंदिर स्थान कुलदेवी रास्ता इतिहास हर्ष भैरवनाथ मंदिर Jeen mata distance

जीण-माता-image

जीण माता राजस्थान के सीकर जिले में रेवसा गांव से 10 किमी पहाड़ी के पास स्थित है। यह सीकर से 29 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। यहाँ पर श्री जीण माता जी (शक्ति की देवी) का एक प्राचीन मन्दिर स्थित है। जीणमाता का यह पवित्र मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना माना जाता है। राजस्थान की राजधानी … Read more

गुरू जम्भेश्वर भगवान जन्म स्थान पीपासर मेला नियम मुक्ति धाम मुकाम

मुक्ति-धाम-मुकाम-image

गुरू जम्भेश्वर बिश्नोई संप्रदाय के संस्थापक थे। ये जाम्भोजी के नाम से भी जाने जाते है। इनका जन्म राजस्थान के नागौर परगने के पीपासर गांव में एक राजपूत परिवार में विक्रमी संवत् 1508 सन 1451 भादवा वदी अष्टमी को अर्धरात्रि कृतिका नक्षत्र में हुआ था। इन्होंने विक्रमी संवत् 1542 सन 1485 मे बिश्नोई पंथ की … Read more

बाबा रामदेव जी मन्दिर स्थान मेला कथा रास्ता चमत्कार रामदेवरा

बाबा-रामदेव-जी-समाधि-स्थल-रामदेवरा.image

रामदेव जी (बाबा रामदेव, रामसा पीर, रामदेव पीर) का जन्म क्षत्रिय राजपूत तंवर जाति में हुआ था। राजस्थान के एक लोक देवता हैं जिनकी पूजा सम्पूर्ण राजस्थान व गुजरात समेत कई भारतीय राज्यों में की जाती है। इनके समाधि-स्थल रामदेवरा (जैसलमेर) पर भाद्रपद माह शुक्ल पक्ष द्वितीया से दसमी तक भव्य मेला लगता है, जहाँ … Read more