वीर तेजाजी मंदिर हरसौर नागौर निर्माण रास्ता डिजाइन कथा फोटो

राजस्थान के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है वीर तेजा जी महाराज का भव्य मंदिर हरसौर में हैं। भव्य मंदिर के साथ साथ पर्यटन स्थल भी है। एक दम प्रगति की गोद में शांत व एकांत में बना हुआ तेजाजी मंदिर हरसौर महाराज का अद्भुत मंदिर जिसमे शाम के समय तो मंदिर की बनावट व रोशनी को देखकर आप आकर्षित हुये बिना  नहीं रहे सकते हैं।


वीर तेजाजी मंदिर हरसौर कहा पर है

लोक देवता वीर तेजाजी महाराज का यह भव्य मंदिर नागौर जिले के डेगाना खण्ड के हरसौर गांव में बना हुआ है। आज इस मंदिर के हर आयोजन में लोग अपार संख्या में शामिल हों रहे हैं। यहाँ पर रोजना सेकड़ों की संख्या में भक्त दर्शन करने आते हैं। अब यह मन्दिर धार्मिक के साथ साथ पर्यटन स्थल के रूप में लोगों को भा रहा है।

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तेजा

वीर तेजा जी मंदिर हरसौर जाने का रास्ता

अजमेर से वीर तेजा का मंदिर हरसौर – यह मन्दिर अजमेर से 45 किलोमीटर है

मेड़ता सिटी से वीर तेजा मंदिर हरसौर – यह मन्दिर मेड़ता सिटी से 55 किलोमीटर है

नागौर से वीर तेजा मंदिर हरसौर – यह मन्दिर नागौर से 120 किलोमीटर है

जयपुर से वीर तेजा मंदिर हरसौर – यह मन्दिर जयपुर से 150 किलोमीटर है

डेगाना से वीर तेजा मंदिर हरसौर – यह मन्दिर डेगाना से 30 किलोमीटर है

नजदीकी रेलवे स्टेशन – डेगाना जंक्शन और अजमेर

वीर तेजाजी मंदिर हरसौर की डिज़ाइन

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तेजा

इस मंदिर में एक वास्तुशिल्प प्रभाव है। जो पिरामिड संरचनाओं से द्रव्यमान का एक संलयन है। जिसमें एक दाहिने पिरामिड को अपने शीर्ष के साथ सीधे अपने आधार के केंद्र (वर्गाकार शिखर) के ऊपर ले जाया गया है। FCADE-CONCEPT लाइनों और कोणीय ज्यामिति को मिलाता है। जो धार्मिक सामग्री को बहुत मजबूती से और साथ ही साथ रखता है। मंदिर की बहारी सतह जोधपुर के पत्थर से अलंकृत है। प्रत्येक पत्थर को पिरामिड के अमूर्त आकार में फिट करने के लिए तराशा गया है। जिसकी ऊंचाई 67 फिट है। वर्तमान में तेजास्थली में विश्राम गृह निर्माण हुआ है। जो की 105X40 जो की बीच में बिना पिलर के निर्माण हुआ है। भविष्य में इसके ऊपर एक इमारत का निर्माण होना है।

वीर तेजाजी मंदिर हरसौर का निर्माण

लोक देवता वीर तेजाजी महाराज का यह भव्य मंदिर नागौर जिले के डेगाना के हरसौर गांव में बना हुआ है। इस मंदिर की नींव 2016 में एक 3 (तीन) बीघा जमीन खरीदकर, वीर तेजा सेवा समिति हरसौर के द्वारा रखी गयी थी। शुरूआत में ही समिति अध्यक्ष मोतीराम जी गौरा व समिति सदस्यों ने कुछ अलग ही बनाने की ढान ली, फिर जयपुर के मशहुर भवन डिजायनर भारद्वाज से बात पक्की हो गई। चारदीवारी का काम पूरा होने पर कुराडा़ के लादुनाथ जी महाराज के शिष्य रामाकिशन जी महाराज आये तो उनसे मंदिर की जगह पुछी तो उन्होने धुप करे चिटक रखते ही लंबी झोत आ गयी वहां उपस्थिति लोग अचंभित थे।

जब उन्होने बताया कि यह जगह सकड़ है। यहां तेजाजी विधमान है। फिर जगह फाईनल होने पर मंदिर की नींव खुदाई में सांप देवता का दर्शन होना भी दुर्लभ संयोग ही रहा फिर जब दो साल बाद तेजा गायन हुआ। जिसमे करोड़ की सहयोग राशि आयी और मंदिर की नींव के साथ ही मंदिर निर्माण को पंख लग गये। भामाशाहों के अभुतपूर्व सहयोग व समिति की मेहनत से मंदिर निर्माण एक दिन भी रूका नहीं (अमावस्या को छोड़कर) मंदिर 2 वर्ष के अल्प समय में ही 13 अगस्त को अनावरण साधु संत व भामाशाह जनप्रतिनिधियों अधिकारियो व किसानों के सानिध्य में किया गया।

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तेजा स्थली आपनो हाईकोर्ट

पधारो तेजास्थली हरसौर

जय तेजाजी महाराज